यह पूछे जाने पर कि भोजपुरी फिल्मों के लोकप्रिय होने के बावजूद उसे कमतर क्यों आंका जाता है, मोना लिसा ने आईएएनएस से कहा, “हो सकता है कम बजट की फिल्में बनना इसकी वजह हो। हमें मल्टीप्लेक्स वाले दर्शक नहीं मिलते, क्योंकि ये फिल्में सिर्फ एक पर्दे वाले सिनेमाघरों में ही रिलीज की जाती हैं। वहां सिर्फ खास किस्म के लोग ही जाते हैं। ये दर्शक निचले दर्जे के होते हैं।”
बता दें कि मोना लिसा का असली नाम अंतरा बिस्वास है। उन्होंने वर्ष 2008 में भोजपुरी फिल्म ‘भोले शंकर’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनका मानना है कि तब से लेकर आज की तारीख तक सिनेमा जगत ने जबर्दस्त तरक्की की है।

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