लेकिन जब सभी यात्री सो जाते हैं तब एयर होस्टेस के पास कोई खास काम नहीं होता, ऐसे में वो आराम करने के लिए बने ख़ास चेम्बर्स में चली जाती हैं। इन चेम्बर्स के बारे में सिर्फ एयरहोस्टेस को पता होते है कोई भी यात्री इन चेम्बर्स में नहीं जा सकता है।
विमान के अंत में इस तरह के चेंबर बने होते हैं। यहां तक पहुंचने का रास्ता इतना संकरा होता है कि एयर होस्टेस को अक्सर सिर झुका कर चलना पड़ता है। यहां छह से दस बिस्तर लगे होते हैं। खास विमान में खास सुविधाएं होती हैं। यह है बोइंग 787 के ड्रीमलाइनर का केबिन। यह यात्री कक्ष के ऊपर बना होता है और पुराने केबिनों के मुकाबले काफी ज्यादा आरामदेह है।
दोनों बिस्तरों के बीच जो पर्दा लगा है, वह सिर्फ रोशनी को ही नहीं, आवाज को भी रोकता है। विमान का जब इंटीरियर डिजाइन किया जाता है, तब प्राथमिकता यात्री और उनका आराम ही होता है। बची खुची जगह में एयर होस्टेस के लिए केबिन बन जाते हैं। यहां वे सो तो सकती हैं लेकिन बाहर का नजारा देखने के लिए कोई खिड़की नहीं है।
अब जब भी आप विमान से सफ़र करें तो आपको ये बात याद रहेगी कि एयरहोस्टेस को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और इस सब के बावजूद वो यात्रियों की सेवा में हाज़िर रहती हैं.



إرسال تعليق