वज़न बढ़ता है
वयस्कों और बच्चों पर हुए अध्ययन से पता चला है कि जो लोग मीठे पेय (सोडा सहित) का सेवन बढ़ते हैं, उन लोगों में तेजी से वज़न बढ़ने लगता है।
टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा
साल 2010 में हुए एक अनुसंधान की समीक्षा के अनुसार, मीठे पेय पदार्थ का सेवन करने वाले लोगों में इनका सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में टाइप 2 डायबिटीज़ होने का जोखिम 26 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
उच्च रक्तचाप
शोध बताते हैं कि नियमित रूप से मीठा सोडा पीने वाले लोग अधिक उच्च रक्तचाप विकसित होने की संभावना ज्यादा होती है। शोध के अनुसार सोडा को छोड़ने से रक्तचाप को कम किया जा सकता है।
हृदय संबंधी रोग
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि जो पुरुष व महिलाएं रोज़ाना एक शुगर युक्त सोड़ाड्रिंक पीते हैं, उनमें शुगर युक्त सोडा ड्रिंक न पीने वालों की तुलना में हार्ट अटैक होने का जोखिम 20 प्रतिशत अधिक होता है।
कुछ प्रकार के कैंसर
एक अध्ययन में पाया गया कि रजोनिवृत्त से पहले जो महिलाएं अधिक शुगर युक्त सोडा आदि का सेवन करती हैं, उनमें शुगर युक्त सोडा का सेवन ना करने वाली महिलाओं की तुलना में अंतर्गर्भाशयकला कैंसर का जोखिम 78 प्रतिशत तक अधिक होता है। वहीं रोज़ाना एक कैन सोडा ड्रिंक पीने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 38 प्रतिशत तक बढ़ा जाता है।

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