1. दिमाग का विकास :- कान के निचले हिस्से में एक प्वाइंट होता है, जो मस्तिष्क के बाएं और दाएं गोलाद्र्ध से कनेक्ट होते हैं। जब इस प्वाइंट पर छेद किये जाते हैं तो, यह दिमाग के हिस्से को एक्टिव बनाते हैं।
2. आंखों की रोशनी :- एक्यूपंक्चर के अनुसार, कान के निचले हिस्से पर केंद्रीय बिंदु है, जहां से आंखों की नसें पास होती हैं। इसी बिंदु को दबाने पर आंखों की रौशनी में सुधार होता है।
3. कान बनें स्वस्थ :- जहां पर कानों को छेदा जाता है, वहां पर एक प्वाइंट होता है जो साफ सुनने में मदद करता है।
4. लकवा से बचाव :- वैज्ञानिक दृष्टि से यह भी माना जाता है कि इससे लकवा नामक रोग से बचाव होता है।
5. तनाव से छुटकारा :- एक्यूपंक्चर के अनुसार, जब कान छिदवाये जाते हैं तो, केंद्र बिंदु पर दबाव पडऩे की वजह से घबराहट और मानसिक बीमारी को दूर करने में मदद मिलती है।
6. प्रजनन अंग बनें स्वस्थ :- इयर लोब्स के बीच में कई ऐसे प्रेशर प्वाइंट्स हैं, जो आपके प्रजनन अंगों को स्वस्थ बनाने में मददगार साबित होते हैं।
7. एकाग्रता बढाने में मदद मिलती है :- पुराने समय में गुरुकुल जाने से पहले बच्चे की मेधा शक्ति बढ़ाने और बेहतर ज्ञान अर्जित करवाने के लिये उसके कान छेदने की प्रथा थी। ऐसा इसलिये क्योंकि कान छिदने से ब्रेन की पावर बढती है।
8. पुरुषों को फायदा :- पुरुषों के अंडकोष में भी कान छिदवाने से लाभ मिलता है।



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