नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरोसाइंस (नीमहंस) में अडिशनल प्रफेसर ने बताया, 'हम ने पिछले साल अपनी सेफ्टी ऐंड हेल्थी यूज ऑफ टेक्नॉलजी क्लिनिक पर लोगों में स्मार्टफोन से चिपके रहने की लत पर एक सर्वे शुरू किया। उस समय हमारे पास हर हफ्ते एक या दो मरीज ही आते थी लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर हर हफ्ते 3 से 5 हो गई। अब हमारी टीम इस समस्या के पैमाने को समझने के लिए एक नया सर्वे शुरू करने की योजना बना रही है।' उन्होंने बताया कि इस वजह से कई तरह की समस्याओं जैसे मूड खराब होना, बोरियत और अकेलेपन की भावना का पैदा होना है।
फोन पर लगातार विडियो देखने और गेम्स खेलने से आंखों पर भी असर पड़ता है। कई लोग आंखों के सूखेपन से पीड़ित हो रहे हैं जिसकी वजह से बच्चों में निकट दृष्टि दोष हो सकता है यानी उनकी आंखों में दूर की चीजों को स्पष्ट नहीं देख पाने का दोष पैदा हो सकता है।

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