जी हां, अब तो ये सच महज एक बकवास बनकर ही रह गया है। बचपन से हमें सिखाया जाता है कि आप काले, गोरे, लंबे, छोटे, पतले, मोटे कुछ भी हो, जैसे हैं खुद को स्वीकार कर इन बातों से ऊपर उठें। जबकि दूसरी तरफ हमारी शिक्षा व्यवस्था कुछ और ही सीखा रही है। ये हम खुद नहीं कह रहे बल्कि सीबीएसई 12वीं की फिजिकल एजुकेशन की किताब कह रही है। इसमें महिलाओं के ‘बेस्ट’ फिगर के बारे में जानकारी दी गई है कि 36-24-36 को बेस्ट फिगर माना गया है।
किताब का कहना है मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिताओं में भी यही फिगर ध्यान में रखा जाता है। अब आप ही बताएं ये पढ़कर बच्चे क्या सीखेंगे और क्या सिखाएंगे? इस मानसिकता का फायदा उठाकर अगर कल बाजार में कोई बेस्ट फिगर बनाने वाली क्रीम या गोली आ जाए, तो किसी के लिए हैरानी की बात नहीं होगी।



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