इस सब से इतर विनोद की लम्बे समय से ख्वाइश थी की इस दुनिया को छोड़ने से पहले वो अपना पेशावर स्थित पुस्तैनी घर देखना चाहते थे, लेकिन लंबे समय से बीमार चल रहे विनोद खन्ना की यह दिली ख्वाइश नही पूरी हो पाई। हम सभी को ऐसा लगता है कि अगर हमारे पास खूब सरा पैसा हो तो हम कुछ भी कर सकते है। जब भी किसी फ़िल्म स्टार को हम मूवीज या किसी शो में देखते है तो एक बार जरुर हमारे जहन में आता है कि इनके पास किसी भी चीज़ की कमी नहीं होगी।
इनके दिल में जो भी ख्वाहिश होती होगी वो उन्हें पूरा कर लेते होंगे। लेकिन यह आधा सच है, हमे दिखता कुछ है और वहां होता कुछ और ही है। इनकी भी कुछ ख्वाहिशें होती हैं जो अधूरी ही रह जाती है जैसे विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश जो पूरी नही हो पाई।

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