दरअसल, हाल ही में एक शो के दौरान दग्गुबाती ने कहा, 'मुझे आपको बताना है कि मैं एक आंख से अंधा हूं। मैं केवल अपनी बाईं आंख से देख सकता हूं। ये दाईं आंख किसी और की है, जो मुझे किसी शख्स की मौत के बाद दान कर दी गई थी।
दग्गुबाती ने आगे कहा कि अंधे व्यक्ति को या उनके बच्चों को जिंदगी खुलकर जीने से नहीं रोका जा सकता और ना हीं उन्हें खौंफ या फिर दबाव में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वो यंग थे, तब एलवी प्रसाद ने उनका ऑपरेशन किया था। उसके बाद सबका साहस बढ़ाते हुए उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई कीजिए, हम आपको सपोर्ट करेंगे। अपना हौंसला बनाए रखिए क्योंकि आपको बाकियों का भी ध्यान रखना है। तकलीफें तो एक दिन दूर हो ही जाएंगी, लेकिन आपको हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए।


إرسال تعليق