वास्तु शास्त्र के अनुसार जानें शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन का कमरा कहां हो?


शादी से पहले से ही दूल्हे और दुल्हन के मन में एक-दूसरे की अपेक्षाओं को लेकर चिंता बनी रहती है। ऐसे में अगर रिश्ते पर घर का वास्तु दोष भी हावी हो जाए तो स्थिति बिगड़ सकती है। जानें, कहां हो नवयुगल का कमरा...

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कई बार आपने देखा होगा कि शादी के तुरंत बाद ही पति-पत्नी में झगड़ा होने लगता है। घर में कलह रहने लगती है। इसका कारण बेडरूम की गलत दिशा हो सकती है। वास्तुविद मानते हैं कि दंपती का कमरा गलत दिशा में हो तो अनियमित जीवनशैली और टकराव बढ़ जाता है।

इसलिए दूल्हा-दुल्हन का कमरा वायव्य और उत्तर दिशा में होना चाहिए। यह क्षेत्र ठंडा माना जाता है और इसे वायु की ऊर्जा से भरा हुआ माना जाता है। शांति के कारण इस क्षेत्र में एकांत मिलता है। यहां का कम तापमान शारीरिक संबंधों में सहायक बनता है। उत्तर दिशा आपसी तालमेल को भी बढ़ाने में मदद करती है।

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