दुनियाभर में आज कई ऐसे रहस्य जिनका पता लगाना आज भी मुश्किल है। ऐसा ही एक रहस्य है जो आज भी लोगो के लिए एक अनसुलझी पहेली है। जिसका कोई पुख्ता प्रमाण नही है। वहीं अब एक नए पहाड़ की चर्चा चल पड़ी है। यह उसी पहाड़ का टुकड़ा है जहां से लक्ष्मण के लिए हनुमानजी संजीवनी लेकर आये थे।
अभी तक की गयी खोजो के अनुसार पता चला है कि श्रीलंका के सुदूर इलाके में मौजूद 'श्रीपद' नाम की जगह पर स्थित पहाड़ ही वह पहाड़ है जो द्रोणागिरी का एक टुकड़ा था और जिसे उठाकर हनुमानजी ले गए थे।
इस स्थान को 'एडम्स पीक' भी कहते हैं।
श्रीलंका के दक्षिणी तट गाले में एक बहुत रोमांचित करने वाली इस पहाड़ को श्रीलंकाई लोग रहुमाशाला कांडा कहते हैं। हालांकि कुछ लोग कहते हैं कि वह द्रोणागिरी का पहाड़ था। द्रोणागिरी हिमालय में स्थित था। यहां 2,224 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस 'श्रीपद' के दर्शन के लिए लाखों भक्त और सैलानी आते हैं। यहां से एशिया का सबसे अच्छा सूर्योदय भी देखा जा सकता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार राम-रावण युद्ध के दौरान मेघनाद के वार से लक्ष्मणजी मूर्छित होकर मरणासन्न हो गए थे। उनकी जान बचाने के लिए संजीवनी बूटी की जरूरत पड़ी तो बूटी को लाने का काम रामभक्त हनुमान को दिया गया। हनुमान हिमालय की कंदराओं में संजीवनी बूटी खोजते रहे, लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आया तो वह द्रोणागिरी पहाड़ के एक टुकड़े को ही ले आए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह वहीं पहाड़ है।




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