ज्योतिषशास्त्र् के एक प्रमुख ग्रंथ वृहत्ससंहिता में जो उल्लेख मिलता है उसके अनुसार संसार में मणिधारी नाग मौजूद हैं। चुंकि ऐसे नागों का मिलना दुर्लभ होता है इसलिए कहा जाता है मणिधारी नाग नहीं होते हैं। अब सच जो भी है लेकिन वृहत्ससंहिता में नागमणि के बारे में कई रोचक बातें बताई गई हैं। जो इस बात को सोचने पर विवश करता है कि क्या वास्तव में नागमणि होता है। वृहत्संहिगता में नागमणि के बारे में कई बातें कही गई हैं…

- नागमणिज में इतनी चमक होती है कि जहां यह होती है वहां आस-पास तेज रोशनी फैल जाती है।
- नागमणि अन्य मणियों से अधिहक प्रभावशाली और अलौकिक होती है। नागमणि मोर के कंठ के समान और अग्नि के समान चमकीली दिखती है।
- यह मणि जिनके पास होती है उस पर विष का प्रभाव नहीं होता है. वह रोग से मुक्त होते हैं।
- वराहमिहिर बताते हैं कि जिस राजा के पास यह मणि होती है वह शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाले होते हैं।
- उनके राज्य में समय से वर्षा होती और प्रजा खुशहाल रहती है। वराहमिहिर इस तरह की बात इसलिए लिखते हैं किस उन दिनों राजा महाराजा हुआ करते थे।
- नागमणि की मानव दुनिया में बहुत कीमत होती है जिसे बेचकर एक इन्सान अपनी आने वाली सात पुस्तें भी आराम से खिला सकता है। लेकिन ये इंसानों को मिल पाना नामुमकिन है।
- जहरीले नाग से निकला वो पत्थर, जिसके बारे में कहा जाता है कि वो जिस इंसान के हाथ लग जाए तो उसकी किस्मत बदल जाती है।
- सर्पमणि जिसे नागमणि भी कहते हैं यह विशेष नाग के सिर पर स्थित होती है। नागमणि में इतनी चमक होती है कि जहां यह होती है वहां आस-पास तेज रोशनी फैल जाती है।
- नागमणि मोर के कंठ के समान और अग्नि के समान चमकीली दिखती है। नागमणि अन्य मणियों से अधिक प्रभावशाली और अलौकिक होती है।
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