ऐसे बनी ये धारणा :- आज से कई सालों पहले गरासिया जनजाति के चार भाई कहीं और जाकर बस गए। इनमें से तीन ने शादी की और एक समाज की कुंवारी लड़की के साथ लिव-इन में रहने लगा। शादीशुदा तीनों भाइयों के कोई औलाद नहीं हुई बल्कि लिव-इन में रहने वाले भाई के बच्चे हुए और उसी से वंश आगे बढ़ा। बस इसी धारणा ने समाज के लोगों के जेहन में इस परंपरा को जन्म दिया। यह परम्परा दापा प्रथा कहलाती है।
इस परम्परा की एक खास बात :- कि युवा पहले पसंद की लड़की के साथ लिव-इन में रहते हैं। बच्चे पैदा होने के बाद ही दोनों को शादी के बंधन में बंधने की अनुमति मिलती है। यदि दोनों के लिव-इन में रहने के बावजूद भी बच्चे नहीं हुए तो वे अलग-अलग हो जाते हैं। फिर किसी और के साथ लिव-इन में रह बच्चे पैदा करने की कोशिश करते हैं।



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