उन्होंने कहा कि धुएं में मौजूद निकोटीन विभिन्न अंगों को सिकोड़ सकता है। ‘टोबैको कंट्रोल’ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक धूम्रपान करने वाले 16 से 59 वर्ष के पुरुषों में मर्दाना कमजोरी की संभावना दोगनी होती है। धूम्रपान के अलावा, मोटापा, ज्यादा शराब का सेवन और व्याग्रा जैसी दवाओं का दुरुपयोग पुरुषों की यौन सेहत पर असर डाल सकते हैं।
इसके साथ ही अनियंत्रित मधुमेह, रक्तचाप जो कि सर्दियों में आम बात है, का भी असर होता है।उन्होंने कहा कि सर्दियों में होने वाला तनाव कष्ट को और बढ़ा देता है। जो लोग धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं, सर्दियां उसके लिए बेहतर समय है।
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