घर कितना ही बड़ा और शानदार क्यों न हों, अगर आशियाने में सुख और शांति ही नहीं हैं तो क्या फायदा। बहुत सारी चीजें ऐसी हैं जो घर में शांति का माहौल बनाने में कारगार साबित होती हैं....
- भवन के मध्य भाग (आंगन) में अंडरग्राऊंड टैंक या बेसमैंट न बनाएं।
- पश्चिम दक्षिण दिशा में मकान का मध्य भाग थोड़ा ऊंचा रखें। इसे नीचा रखने से सब कुछ बिखर जाएगा।
- भारी भवनों के बीच दबा हुआ भूखंड कभी न खरीदें। दबा हुआ भूखंड घोर गरीबी एवं कर्ज में फंसा देता है।
- बहुमंजिला इमारतों के बीच का भूखंड भी कर्ज एवं घोर गरीबी का सूचक है।
- जिस भवन में उसके बीच कहीं भी तीन या तीन से अधिक द्वार हों, उसके बीच में कभी भी न बैठें। नहीं तो ज्ञान का खजाना लूटने के साथ-साथ तिजोरी भी खाली हो जाएगी।
- घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं जो नौ अंगुल लम्बा तथा नौ अंगुल चौड़ा हो।
- घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का वृक्ष लगाने से वास्तुदोष दूर होता है। हर सायं तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं।
- अशोक, आम, पीपल और कनेर के पत्ते बहुत ही शुभ माने गए हैं। इन पत्तों को एक धागे में बांध कर एक तोरण बना कर मकान के मुख्य द्वार पर लटका देने से वास्तुदोष दूर होता है।
- उत्तर पूर्व में लकड़ी का मंदिर रखना चाहिए, जिसके नीचे गोल पाए हों। लकड़ी के मंदिर को दीवार से सटा कर न रखें। जहां तक हो सके, इसमें पत्थर की मूर्त न रखें, वजन बढ़ेगा।
إرسال تعليق