1. तनाव :- तनाव पीरियड्स पर काफी प्रभाव पड़ता है। तनाव के कारण GnRH नामक हॉर्मोन की मात्रा कम होेने लगती है, जो अनियमित पीरियड्स का बड़ा कारण है। इसलिए अपने तनाव को दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह लें।
2. बुखार-जुखाम :- अचानक से बुखार, कोल्ड, कफ या फिर लम्बे समय तक बीमार रहना भी पीरियड्स को अनियमित करता है। जैसे-जैसे इन रोगों से उभरने लगते है पीरियड्स रेग्यूलर होने लगते है।
3. शैडयूल में परिवर्तन :- जब आपके शैडयूल में बदलाव आता है तो बॉडी का इसका काफी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में पीरियड्स अनियमित होना आम है। इस समय पर घबराएं नहीं क्योंकि जैसे-जैसे आप इसके परिवर्तन के आदि होते जाएंगे, यह समस्या भी कम होती जाती है।
4. गर्भनिरोधक गोलियां :- जब कोई महिला गर्भनिरोधक गोलियां या अन्य दवाईयों का सेवन करती है तो ऐसे में भी पीरियड्स अनियमित हो सकते है। इस स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें।
5. मोटापा :- पीरियड्स का अनियमित होने का एक कारण अधिक वजन भी है। ऐसे समय में प्रोपर एक्सरसाइज करें और हैल्दी डाइट लें।
- पहली बार इंटिमेट होने के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं ये बदलाव
- बिंदी लगाने से होते हैं ये 4 जबरदस्त फायदे जिनसे आप अनजान हैं

إرسال تعليق