दानी प्रजाति के इस समुदाय में परिवार के मुखिया की मौत के शौक को जताने के लिए परिवार की महिलाओ के हाथो की कुछ उंगलिया काट दी जाती थी, ये काफी दर्दनाक होता है लेकिन इस पीड़ा को मरने वाली की आत्मा की शांति के लिए जरुरी समझा जाता था।
अंगुली काटने से पहले उन्हें रस्सी से बांध दिया जाता था ताकि खून का प्रवाह रुक जाए, उसके बाद कुल्हाड़ी से उन अंगुलियों को काटा जाता था। ऐसे में सिर्फ परिवार की महिलाओ को इस पीड़ा को सहना पड़ता था। हालांकि अब सरकार ने इस परंपरा को बंद करा दिया है और वंहा की महिलाएं अब हाथ की पूरी अंगुलियों के साथ जी सकेगी।
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