1. शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है। नासा के अनुसार शंख बजाने से खगोलीय उर्जा का उत्सर्जन होता है। जो जीवाणु का नाश कर लोगों में उर्जा व शक्ति का संचार करता है।
2. शंख कैल्शियम से निर्मित होता है। इसमें रात को पानी भर के पीने से कैल्शियम की पूर्ति होती है।
3. शंख बजाने से योग की 3 क्रियाएं एक साथ होती है। कुम्भक, रोचक, प्राणायाम। शंख बजाने से हदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मदागिन मे लाभ होता है। शंख बजाने से फेफडे पृष्ट होते हैं।
4. शंख मे पानी रखकर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है। उत्तेजना कम होती है। शंख की ध्वनि से दिमाग व स्नायु तंत्र सक्रिय रहती है।
5. घर मे शंख बजाने से नकारात्मक उर्जा व अतृप्त आत्माएं निकल जाती है। शंख मे चावल भरकर रखें और लाल कपड़ें मे लपेटकर तिजोरी मे रखें अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।
6. शंख को दुकान, मकान, आॅफिस, फैक्ट्री आदि में स्थापित करने से वहां के वास्तु दोष दूर होते हैं तथा लक्ष्मी का वास व व्यवसाय में उन्नति होती है।
7. पूजा स्थान में दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना करने से चिरस्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
8. कामनापूर्ति हेतु शंख की नर और मादा की जोड़ी की स्थापना करनी चाहिए। कहा जाता है कि गणेश शंख में जल भरकर प्रतिदिन गर्भवती स्त्री को सेवन कराने से संतान स्वस्थ व रोग मुक्त होती है।
9. वैज्ञानिकों के अनुसार शंख नाद करने से वायु शुद्ध होती है तथा नकारात्मक ऊर्जा का नाश और सकारात्मक ऊर्जा का सृजन होता है। इसकी ध्वनि के प्रसार क्षेत्र तक सभी कीटाणुओं का नाश हो जाता है।
10. हृदय और दमा के रोगियों के लिए शंख नाद करना लाभदायक होता है। शंख नाद करने से गले से संबंधित बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है।
11. जिन महिलाओं को सन्तान न होने की समस्या है, उन्हे यदि नियमित रूप से दो क्षिणावर्ती शंख में जल डालकर पिलाया जाये तो सन्तान प्राप्त हो सकती है।
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