सूर्यास्त के बाद महिलाएं ना करें ये गल्तियां! वरना हो सकता है भारी नुकसान

 
महाभारत के एक सर्ग में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश देते हुए कहा है कि जिस घर में स्त्रियों का मान-सम्मान नहीं होता, उस घर-परिवार के विनाश को कोई नहीं रोक सकता। पुराणों में भी स्त्री को घर की लक्ष्मी (गृहलक्ष्मी) बताया गया है। यही वजह है कि घर में सुख-शांति और बरक्कत के लिए गृहणियां हर संभव प्रयास करती हैं। लेकिन इस प्रयास में कभी-कभी उससे जाने-अनजाने में कुछ गलतियां हो जाती हैं, जिसकी वजह से घर की सुख-शांति प्रभावित होती है, नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं। इसलिए महिलाओं को ऐसे कार्य करने से बचना चाहिए। आइये जाने वे कौन से कार्य हैं....

जूठे बर्तन: अकसर देखा जाता है कि रात को खाना खाने के बाद जूठे बर्तन सिंक में छोड़ दिए जाते हैं। मान्यता है कि इससे लक्ष्मी रुष्ठ होकर घर से चली जाती हैं। इसके विपरीत जिन घरों में रात में जूठे बर्तन धोकर रखे जाते हैं, उस घर में लक्ष्मी के प्रताप से सुख, शांति, और वैभव बना रहता है। ज्योतिष शास्त्र में उल्लेखित है कि रात में रसोईघर में जूठे बर्तन छोड़ने से नकारात्मक शक्तियां घर के विकास को बाधित करती हैं, जिसकी वजह से बीमारियां पनपती हैं, धन का प्रवाह रुक जाता है। इसलिए महिलाओं को रात में भोजन करने के पश्चात जूठे बर्तन धोकर रखने चाहिए।


बाल खोलकर सोना: कभी-कभी महिलाएं रात में बालों में तेल लगाने के बाद आलस्यवश उसे बांधने के बजाय खुले बालों में ही सो जाती हैं। कुछ महिलाएं आदतन ऐसा करती हैं तो कुछ फैशन के प्रभाव में आकर करती हैं। इसे दोषपूर्ण माना जाता है। विद्वानों का कहना है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है, जिससे घर और परिवार के बीच अशांति एवं मतभेद का वातावरण बनता है। ऐसे घरों में लक्ष्मी नहीं रुकतीं। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि सोने से पूर्व बालों को अच्छी तरह गूंधकर ही सोएं।

झाडू को सम्मान के साथ रखें: हिंदू धर्म में मान्यता है कि घर की साफ-सफाई के लिये प्रयोग किए जाने वाले झाडू में लक्ष्मी वास करती हैं। इसलिए सफाई करने के बाद झाड़ू को दक्षिण दिशा में लिटा कर रखना चाहिए। झाड़ू को फेंककर नहीं रखना चाहिए और ना ही उसे पैरों से स्पर्श होने देना चाहिए। इसके अलावा सूर्यास्त के बाद घर में झाडू भी नहीं लगाना चाहिए। मान्यता है कि झाड़ू का सम्मान करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, और परिवार के सदस्यों का भाग्योदय होता है।


तुलसी की पूजा: हिंदू शास्त्रों के मुताबिक, सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते तोड़ने भी नहीं चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में दुर्भाग्य, गरीबी और दरिद्रता आती है। इसके अलावा शाम के समय तुलसी के पौधे पर जल भी नहीं चढ़ाना चाहिए। अलबत्ता सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे के नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

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