सर्दी के मौसम में बच्चों में कई तरह की बीमारियों और संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी के मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, सांस चलना और पसली चलने की बीमारियां ही आमतौर पर होती है। यदि आपको सिर्फ जुकाम, खांसी, थोड़ा सा बुखार, थोड़ी सी सर्दी है तो तीन-चार दिन में आमतौर पर यह ठीक हो जाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर किसी बच्चे को सांस की दिक्कत हो रही है और सांस की दिक्कत के साथ-साथ उसको दूध पीने में, खाने में, सोने में ऐसी कोई परेशानी हो रही है तो आपको उसको निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में दिखाना जरूरी है।
कलावती सरन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कमल कुमार सिंघल बताते हैं कि सर्दियों में बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए क्या किया जाए यह समझना जरूरी है। इसके लिए छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
बच्चों को पर्याप्त मात्रा में ऊनी वस्त्र पहनाएं। ऊनी वस्त्र पहनाकर ही बाहर भेजें। ठंड में ऊनी टोपी, दस्ताने और मोज़े जरूर पहनाएं। याद रखें कपड़ों की तीन-चार परतें होना बेहद जरूरी है। इसके साथ-साथ बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं।
हीटर या ब्लोअर को बच्चे के अधिक नज़दीक न रखें। हीटर चल रहा हो तो कमरे में बर्तन या बाल्टी में पानी जरूर रखें। बच्चों को नियमित और संतुलित आहार दें और पर्याप्त मात्रा में तरल दें। शिशु को नियमित स्तनपान कराएं। 6 महीने तक नवजात शिशु को सिर्फ मां का दूध पिलाएं। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें।



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