सोशल मीडिया पर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स वायरल हुईं हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि 1 जनवरी के बाद देशभर में UPI पेमेंट करने के लिए यूज़र्स को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। इसके साथ ही इनमें यह भी कहा गया है कि थर्ड पार्टी एप्स से पेमेंट करने पर भी यूज़र्स को अतिरिक्त चार्ज लगेगा। इससे गूगल पे (Google pay) और फोनपे (PhonePe) यूजर्स पर असर पड़ सकता है। आज हम आपको इस खबर की सच्चाई बताने वाले हैं।
भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने जब इस खबर की पड़ताल की, तो यह खबर बिल्कुल फर्जी निकली है। PIB Fact Check ने NPCI के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए बताया कि, "यह खबर एकदम गलत है जिमें कहा जा रहा है कि NPCI ने यूपीआई ट्रांजैक्शन को 1 जनवरी से महंगा करने की बात कही है।"
NPCI ने ट्वीट के जरिए बताया कि, "उसकी ओर से यूपीआई ट्रांजैक्शन को महंगा नहीं किया गया है। इसके अलावा थर्ड पार्टी एप्स के जरिए किए जाने वाले भुगतान पर उन्होंने कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया है।" NPCI का कहना है कि सोशल मीडिया पर शुल्क बढ़ाने की जो भी खबरें पोस्ट की गई हैं ये सभी फर्जी और बेबुनियाद हैं।
दावा : एक #खबर में दावा किया जा रहा है कि नए साल से यूपीआई ट्रांज़ैक्शन महंगे हो जाएंगे व थर्ड पार्टी एप्स से पेमेंट करने पर अतिरिक्त चार्ज लगेंगे। #PIBFactCheck : यह दावा गलत है। @NPCI_NPCI ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है।
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) December 9, 2020
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