ऐसे में अब पंजाब में घर पर क्वारंटाइन रोगियों को अब अपने घरों के प्रवेश द्वार पर चिपकाए गए पोस्टरों से उत्पन्न सामाजिक अलगाव का भय नहीं सहना पड़ेगा। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को अपनी सरकार के संक्रमित मरीजों के घरों के बाहर पोस्टर लगाने के पहले के फैसले को अलग कर दिया। जहां पोस्टर पहले ही चिपका दिए गए थे, उन्हें हटाया जा सकता है।
इस कदम का उद्देश्य ऐसे रोगियों के सामने के दरवाजों पर इस तरह के पोस्टर लगाने से उत्पन्न दुर्व्यवहार को कम करना है, इस प्रकार परीक्षण के डर को भी नकारना है। उन्होंने कहा कि मनोवैज्ञानिक आघात जो इन पोस्टरों के परिणामस्वरूप पीड़ित थे, जो पड़ोसियों और ऐसे रोगियों के अन्य लोगों की रक्षा के लिए थे उद्देश्य को हरा रहे थे उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों को वास्तव में लोगों को परीक्षण से दूर डरते हुए पाया गया था। ऐसे में लोग टेस्टिंग और सैंपलिंग से दूर भाग रहे थे। इसी के चलते राज्य सरकार द्वारा ये फैसला लिया गया है।
गौरतलब है कि बीते दिन पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण से 73 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 1,690 हो गई वहीं संक्रमण के 1,527 नए मामले सामने से संक्रमण के कुल मामले बढ़कर बृहस्पतिवार को 58,515 हो गए थे।

एक टिप्पणी भेजें