रक्षाबंधन यानी राखी का पर्व भाई-बहन के प्यार का त्योहार है, एक मामूली सा धागा जब भाई की कलाई पर बंधता है, तो भाई अपनी बहन की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने को तैयार हो जाता है। रक्षाबंधन का इतिहास काफी पुराना है, जो देव युग, महाभारत काल और सिंधु घाटी की सभ्यता से जुड़ा हुआ है।
राखी बांधने का मुहूर्त : 09:27:30 से 21:11:21 तक
अवधि : 11 घंटे 43 मिनट
रक्षाबंधन अपराह्न मुहूर्त : 13:45:16 से 16:23:16 तक
रक्षाबंधन प्रदोष मुहूर्त : 19:01:15 से 21:11:21 तक
शुभ समय
6:00 से 7:30 तक,
9:00 से 10:30 तक,
3:31 से 6:41 तक
राहुकाल- प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तक (राहुकाल में राखी न बांधें)



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