साल 2010 में भी हुआ था ऐसा ही हादसा, दुबई से ही आई फ्लाइट दो हिस्सों में बंट गई थी


शुक्रवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान कोझीकोड एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त फिसल गया। हादसे के वक्त विमान पर 191 लोग सवार थे। हादसे में 16 लोगों की जान गई है। विमान दुबई से आ रहा था और रनवे पर लैंडिंग करते हुए फिसल गया। इससे विमान के 2 टुकड़े हो गए। गनीमत रही कि सामने का हिस्सा खाई में गिरने से बच गया।


ये इत्तफाक ही है कि 10 साल पहले यानी, 22 मई 2010 में ठीक इसी तरह का हादसा मैंगलौर में हुआ था। तब एयर इंडिया की फ्लाइट 812 दुबई से मैंगलौर आई थी। यह फ्लाइट भी लैंडिंग के वक्त रनवे से फिसल गई थी और एक पहाड़ी में गिर गई थी। उस हादसे में 6 क्रू मेंबर समेत 159 यात्रियों की मौत हो गई थी।


2010 में मैंगलौर में हुए हादसे के बाद विमान में आग लग गई थी। इसके चलते ज्यादा लोगों की जान गई थी। इस बार कोझीकोड में हुए हादसे के बाद आग नहीं लगी। इसलिए नुकसान भी कम हुआ है।


विशेषज्ञों का कहना है कि मैंगलौर हवाई अड्‌डा एक टेबलटॉप एयरपोर्ट है। वैसे ही कोझिकोड भी टेबलटॉप एयरपोर्ट है। टेबलटॉप रनवे आमतौर पर पहाड़ के ऊपर होता है। इसमें ज्यादातर एयरपोर्ट के अगल-बगल खाई होती है। यहां विमानों की लैंडिंग करना बेहद कठिन होता है। लैंडिंग और उड़ान दोनों के दौरान पायलट को खासतौर पर सावधानी बरतनी होती है।

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