सरकार की वन नेशन वन हेल्थ कार्ड योजना के जरिए सभी को एक हेल्थ कार्ड बनवाना होगा। इससे होने वाले ट्रिटमेंट और टेस्ट की पूरी जानकारी इस कार्ड में डिजिटली सेव होगी। इसका रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि देश में किसी भी हॉस्पिटल या डॉक्टर के पास जब इलाज कराने जाएंगे तो साथ में आपको सारे पर्चे और टेस्ट रिपोर्ट नहीं ले जाना पड़ेगा। डॉक्टर कहीं से भी बैठकर आपकी यूनिक आईडी के जरिए सारा मेडिकल रिकॉर्ड देख सकेगा।
अस्पताल, क्लिनिक, डॉक्टर एक सेंट्रल सर्वर से लिंक रहेंगे। अस्पताल और नागरिकों के लिए अभी ये उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा कि वो इस मिशन से जुड़ना चाहते है या नहीं। हर नागरिक का एक सिंगल यूनिक आइडी जारी होगा। उसी आधार पर लॉगिन होगा। फेज वाइज तरीके से इसको लागू किया जाएगा।
आधार कार्ड के आधार पर हेल्थ कार्ड बनाने की सिफारिश की जाएगी, लेकिन इसके लिए आम नागरिकों को बाध्य नहीं किया जा सकेगा. यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा। नागरिक की मर्जी पर निर्भर होगा कि वो इसे बनवाना चाहता है या नहीं। योजना के पहले चरण में इस पर 500 करोड़ का बजट रखा गया है। लोगो की व्यक्तिगत जानकारी सिक्योर और प्राइवेट रहे इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। योजना के जरिए देश के स्वास्थ्य वातावरण को बदलने की कोशिश है।

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