इसके साथ ही नई शिक्षा नीति पर सरकार किस तेजी से बढ़ना चाहती है इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश भर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशकों और कालेजों के प्राचार्यो को संबोधित करेंगे।
गौरतलब है कि कि हाल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में 21वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई। 34 सालों से शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था। अब फाइनली जाकर इसमें बदलाव हुआ है। वहीं इस नीति की कुछ अहम बातों पर गौर करें तो इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा के साथ कृषि शिक्षा, कानूनी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसी व्यावसायिक शिक्षाओं को इसके दायरे में लाया गया है।
इसके अलावा सरकार के द्वारा नए कोर्स, 10+2 में बदलाव, एमफिल को हटाना और किसी भी स्ट्रीम का होकर कोई विषय चुनने जैसे बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार का दावा है कि उनकी कोशिश बच्चों से पढ़ाई का बोझ हटाकर उनमें स्किल डेवलेप करना है।
At 11 AM on Friday, 7th August, I would be addressing the ‘Conclave on Transformational Reforms in Higher Education under National Education Policy.’— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2020
This conclave will emphasise on how the changes in India’s education sector will benefit youngsters. https://t.co/JkYXosI7WF

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