मां-बच्चे की इस आदत से पता चलता हैं कि बच्चा राइटी होगा या लेफ्टी


क्या आप जानते हैं कि यह कैसे निर्धारित होता है कि जन्म लेने वाला बच्चा राइटी होगा या लेफ्टी। लेकिन अब गहन अध्ययन के बाद इस सवाल का जवाब मिल गया है। साथ ही इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आप इस खुद से नियंत्रित कर सकते हैं कि होने वाले बच्चे को राइटी बनाना है या फिर लेफ्टी। यह जानकारी यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन में हुए एक अध्ययन के बाद सामने आई है। इस अध्ययन में 62,129 मां-बच्चे के जोड़ों को शामिल किया गया था।


आप बायें हाथ से काम करने वाले (लेफ्टी) होंगे या फिर दायें हाथ से काम करने वाले (राइटी) इसको जन्म के समय पर नियंत्रित किया जा सकता है क्योंकि एक शोध में पता चला है कि बच्चे को स्तनपान का समयकाल उसके हाथ उपयोग करने पर असर डाल सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन में हुए अध्ययन के अनुसार, जिन शिशुओं ने स्तनपान किया होता है, उनमें बाएं हाथ से काम करने वाले कम पाए गए हैं।


इसमें पाया गया कि नौ माह से ज्यादा समय तक स्तनपान करने वाले शिशु दाएं हाथ से काम करते हैं। दूसरी तरफ पाया गया कि जिन शिशुओं ने बोतल से दूध पिया, उनमें बाएं हाथ से काम करने वाले अधिक मिले। इसका कारण यह हो सकता है कि हाथ पर नियंत्रण करने वाला दिमाग का हिस्सा दिमाग के एक हिस्से में स्थिर कर जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि संभव है कि स्तनपान से यह प्रक्रिया गति पकड़ लेती है जिससे शिशु के दाएं या बाएं हाथ से काम करने का निर्धारण होता है। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 62,129 मां-बच्चे के जोड़ों को शामिल किया था।

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