वैसे लोग जो सुबह की पहली मील यानी ब्रेकफस्ट नहीं करते उनमें टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा 33 प्रतिशत अधिक होता है। इतना ही नहीं वैसे लोग जो सप्ताह में 4 दिन ब्रेकफस्ट नहीं करते उनमें तो डायबीटीज होने का खतरा 55 प्रतिशत अधिक होता है। द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित इस स्टडी में करीब 1 लाख लोगों के डेटा की जांच करने के बाद यह नतीजे सामने आए।
एक्सपर्ट्स की मानें तो सुबह का ब्रेकफस्ट न करने की वजह से शरीर में इन्सुलिन का रेसिस्टेंस बढ़ जाता है जिससे मेटाबॉलिक सिस्टम पर दबाव बढ़ने लगता है और यह डायबीटीज होने की तरफ आपका पहला कदम है। यह तो बात हुई डायबीटीज की लेकिन वैसे लोग जो वजन कम करने के लिए ब्रेकफस्ट नहीं करते वे पूरी तरह से गलत होते हैं क्योंकि सुबह का नाश्ता न करने की वजह से वे दिन में ज्यादा स्नैकिंग कर लेते हैं जिस वजह से वजन कम होने की बजाए बढ़ने लगता है।
एक डेटा के मुताबिक दुनियाभर के 30 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो ब्रेकफस्ट नहीं करते। एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में ब्रेकफस्ट न करना शहरी कल्चर का हिस्सा बनता जा रहा है और वह भी खासतौर पर युवाओं के बीच। बुजुर्गों में यह ट्रेंड देखने को नहीं मिलता।




إرسال تعليق