चार डॉक्टरों की एक टीम ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व करने वाले एस. उमाशंकर ने कहा कि मां और बच्चे दोनों स्वस्थ और ठीक हैं।
एस. उमाशंकर ने कहा, "यह एक मेडिकल चमत्कार है।" इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि मंगायम्मा सबसे अधिक उम्र में बच्चों को जन्म देने वाली दुनिया की इकलौती महिला बन गई है।
इससे पहले 70 वर्षीय दलजिंदर कौर को बच्चे को जन्म देने वाली दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला माना जाता था। हरियाणा की कौर ने 2016 में एक आईवीएफ प्रक्रिया के माध्यम से एक बच्चे को जन्म दिया था।
पूर्वी गोदावरी जिले के नेललापतीर्पाडू की रहने वाली मंगायम्मा शादी के 54 साल बाद भी संतानहीन थीं। मंगायम्मा ने अपने पति वाई. राजा राव के साथ मिल कर पिछले साल के अंत में नर्सिग होम में आईवीएफ विशेषज्ञों से संपर्क किया। इसके बाद नर्सिग होम ने दंपति की मदद करने का फैसला किया।
प्रसव के बाद मंगायम्मा ने पत्रकारों से कहा, "मैं बहुत खुश हूं। भगवान ने हमारी प्रार्थना सुन ली।"
डॉक्टर नियमित रूप से मंगायम्मा के स्वस्थ्य पर नजर बनाए हुए थे। यहां तक कि नर्सिग होम ने प्रसव से पहले दंपति के सत्कार की व्यवस्था की।



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