चौराहों पर ना जाएं
रात के समय जरुरी नहीं हो तो चौराहे से दूर रहना चाहिए। रात के समय ही नकारात्मक शक्तियों की ऊर्जा तेज हो जाती है। यदि कोई पवित्र आत्मा का चौराहे पर विचरण होता है तो नकारात्मक शक्तियां उसकी तरफ आकर्षित हो सकती हैं।
श्मशान नहीं जाएं
ये क्षेत्र में हमेशा ही नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं। इनका बुरा असर स्वास्थ्य और मन दोनों पर हो सकता है। इसी के साथ माना जाता है कि श्मशान क्षेत्र में शवों से निकलने वाला धुंआ सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है और वहां के वातावरण में सूक्ष्म कीटाणु मौजूद होते हैं जो शरीर को हानि पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से श्मशान से आने के बाद स्नान करना जरुरी बताया गया है।
बुरे चरित्र के लोगों से दूर रहें
ऐसे लोगों से जितनी दूरी बनाकर रखी जाए उतना ही अच्छा माना जाता है। इन लोगों के कार्य हमेशा अधार्मिक माने जाते हैं। ऐसे लोगों के साथ रहना व्यक्ति के लिए हानिकारक हो सकता है।
खुले बाल
माना जाता है कि जो महिलाएं रात को खुले बाल करके सोती हैं वो उनकी तरफ नकारात्मक शक्तियां अधिक आकर्षित होती हैं। ये नकारात्मक शक्तियां तन और मन दोनों पर अप्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
इत्र
शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि खुशबू की तरफ बुरी शक्तियां जल्दी आकर्षित होती हैं और जो लोग इत्र या डियो लगाकर सोते हैं नकारात्मक शक्तियां उन्हें ढूंढती हुई पहुंच जाती हैं। इसलिए रात को स्नान करके भगवान का ध्यान करके ही सोना चाहिए।

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