इमरान ने कहा कि जब मेरी सरकार आई तो मेरी पहली कोशिश थी सभी पड़ोसियों के साथ दोस्ती। मैंने कहा था कि हिंदुस्तान एक कदम लेगा तो हम आपके तरफ दो कदम आएंगे। इमरान खान ने कहा कि मैंने भारत से कहा था कि कश्मीर मामले का हल बातचीत से निकले। लेकिन हमें मुद्दे मिलते रहे। जब भी हम कश्मीर पर बात करना चाहते थे, वे आतंकवाद पर बोलते रहे। इसके बाद भारत में चुनाव आए और हमने उनके पाकिस्तान विरोधी अभियानों को देखा।
इमरान खान ने कहा कि मैं यूएन के जनरल असेंबली में 27 सितंबर को कश्मीर मुद्दे पर चर्चा करूंगा। वैश्विक मंच पर कश्मी मामले को उठाऊंगा। इमरान खान ने कहा कि जब भी हम कश्मीर पर भारत के साथ बातचीत करना चाहते हैं भारत आतंकवाद और अन्य मुद्दों पर ध्यान खींचता रहा है।
इमरान खान ने कहा कि FATF जैसी संस्थाओं से ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिश कर रहा है। 5 अगस्त को कश्मीर पर लिया गया फैसला जवाहर लाल नेहरू के कश्मीरियों के साथ किए गए वादे से मुकर जाना है। इमरान खान ने कहा कि कश्मीर पर नरेंद्र मोदी ने बड़ी गलती कर दी है। यह कश्मीरियों के लिए आजादी लेने का ऐतिहासिक अवसर है।
इमरान खान ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि हम दोनों के पास परमाणु हथियार हैं, अगर यह मामला युद्ध तक जाता है, तो विश्व भी प्रभावित होगा। अगर हमारे बीच लड़ाई होती है, तो इसके लिए विश्व भी जिम्मेदार है।

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