अनुच्छेद 370 को रद्द करने के केंद्र सरकार के फैसले पर उन्होंने कहा कि यह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा, "यह मोदी सरकार की तानाशाही है। हम कभी भी अलग नहीं होना चाहते थे और न ही हम इस राष्ट्र से अलग होना चाहते हैं। हमारे सम्मान एवं गरिमा को मत छीनो। हम गुलाम नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "यह लोकतांत्रिक प्रणाली न होकर तानाशाही है। मुझे नहीं पता कि कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। किसी को भी अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं है। हम घर में नजरबंद हैं।"
अब्दुल्ला ने कहा कि उनके घर के दरवाजे बंद हो गए हैं और वह बाहर नहीं जा सकते।
उन्होंने गृहमंत्री द्वारा दिए गए बयान पर कहा, "गृहमंत्री झूब बोल रहे हैं।"
दरअसल संसद में अमित शाह ने कहा था, "उन्हें हिरासत में या गिरफ्तार नहीं किया गया है और वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं।"

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