सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और खंड शिक्षा अधिकारी से तत्काल जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रभारी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल सरकारी विद्यालयों में छात्रों को मिलने वाले मिड-डे मील में रोटी के साथ सब्जी या दाल देनी जरूरी होती है, मगर सिउर के विद्यालय में छात्रों को रोटी के साथ नमक परोस दिया गया, जिसकी चहुंओर आलोचना हो रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के साथ ही सहायक अध्यापिका का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय सिउर की शिक्षामित्र को भी इस मामले में दोषी पाया, जिससे उनका भी मानदेय रोक दिया गया है। यही नहीं, इसके बाद क्षेत्र के न्याय पंचायत समन्वयक को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी जमालपुर को भी बराबर का दोषी मानते हुए उनसे तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है, जिसे तीन दिनों के अंदर जांचकर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।




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