इसरो के चेयरमैंन के. सिवन ने बताया कि चंद्रयान-2 मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के दौरान एक कड़ी अग्नि परीक्षा से गुजरेगा। ये स्टेज मिशन के सबसे मुश्किल स्टेज में से एक है क्योंकि अगर सेटेलाइट चंद्रमा पर तेज गति वाले वेग से पहुंचता है, तो वो इसे उछाल देगा और ऐसे में वो गहरे अंतरिक्ष में खो जाएगा लेकिन अगर वो धीमी गति से पहुंचता है तो चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण चंद्रयान-2 को खींच लेगा और वो नीचे गिर सकता है।
चांद की कक्षा में प्रवेश करने के बाद स्पेसक्राफ्ट 31 अगस्त तक चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाता रहेगा। इस दौरान एक बार फिर कक्षा में बदलाव किया जाएगा। चंद्रयान-2 को चांद के सबसे करीबी कक्षा तक पहुंचाने के लिए चार बार कक्षा बदली जाएगी।
इसके बाद चांद की सतह पर उतारने का काम भी काफी मुश्किल होगा। इसरो के मुताबिक चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग की जाएगी। सॉफ्ट लैंडिंग में सफलता मिलते ही भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।

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