कांग्रेस सदस्यों के अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात और क्या बात हुई के सवालों का भी जवाब दिया। रक्षा मंत्री ने कहा, 'जहां तक हमारे प्रधानमंत्री जी और राष्ट्रपति के बीच बातचीत का प्रश्न है तो जून के महीने में बातचीत हुई थी। हमारे विदेश मंत्री ने यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया कि कश्मीर के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हुई। इससे अधिक प्रमाणिक कोई और बयान नहीं हो सकता। जिस समय प्रधानमंत्री जी और राष्ट्रपति के रूप में बात हुई थी उस वक्त विदेश मंत्री वहां मौजूद थे।'
कश्मीर पर किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करने पर जोर देते हुए राजनाथ ने कहा कि मध्यस्थता स्वीकार करने का का कोई प्रश्न नहीं होता। ऐसा करना शिमला समझौते की प्रतिबद्धता से पीछे हटना होगा। उन्होंने कहा, 'कश्मीर पर हम किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेंगे। मध्यस्थता स्वीकार करने का तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता। हम राष्ट्रीय स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करेंगे।' राजनाथ सिंह ने कहा कि पाक से जब मेरी बात होगी तो कश्मीर पर ही नहीं पाक अधिकृत कश्मीर पर भी बात होगी।
उन्होंने कांग्रेस के वॉकआउट करने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में परस्पर विश्वास बहुत महत्वपूर्ण होता है। मैं विपक्ष के प्रश्नों का जवाब सत्ता पक्ष की तरफ से दूंगा, लेकिन कांग्रेस के सदस्यों ने वॉकआउट किया है। सरकार सवालों के जवाब के लिए तैयार है, लेकिन ऐसे वक्त में वॉकआउट करना वादाखिलाफी जैसा है।'

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