कोलकाता के IRIS अस्पताल में शनिवार को 21 साल की युवती अपनी मां और एक शख्स के साथ शाम 6:30 बजे पहुंची। अस्पताल का फॉर्म भरते वक्त इस व्यक्ति ने खुद को होने वाले बच्चे का पिता बताया। अस्पताल में युवती की डिलिवरी की तैयारी शुरू हो गई और रविवार को उसे रूटीन डिलिवरी के लिए ऑपरेशन थिअटर ले जाया गया।
एक और व्यक्ति अस्पताल पहुंचा और दावा किया कि वह युवती का पति है। इस पर पहले से मौजूद व्यक्ति की उससे बहस हो गई। अस्पताल के मैनेजर तीर्थांकर घोष न बताया कि पुलिस को खबर देने के बाद दोनों लोगों को अस्पताल के बाहर ले जाया गया। इसके बाद युवती से किसी और को मिलने की इजाजत नहीं दी गई। इसी बीच युवती ने एक बेटी को जन्म दे दिया।
वहीं, पुलिस ने दोनों आदमियों से मैरिज सर्टिफिकेट दिखाने को कहा। अस्पताल बाद में पहुंचा व्यक्ति देर शाम मैरिज सर्टिफिकेट लेकर पहुंचा जिस पर पहले से मौजूद व्यक्ति ने मान लिया कि वह युवती का दोस्त है। हालांकि, युवती की मां ने दूसरे व्यक्ति को पहचानने से ही इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने युवती के होश में आने का इंतजार करने का फैसला किया। इसके लिए सोमवार को दोनों आदमियों को बुलाया गया ताकि युवती पति की पहचान कर सके।
इसी बीच कहानी में एक नया मोड़ आया। इससे पहले कि युवती पति को पहचाने, सोमवार को एक और व्यक्ति पहुंच गया। उसने दावा किया कि वह युवती का पति तो नहीं है, लेकिन बच्ची का पिता है। हालांकि, आखिरकार जब युवती होश में आई तो उसने दूसरे व्यक्ति को अपने पति और बच्चे के पिता के रूप में पहचान लिया।
पुलिस ने बताया कि अप्रैल में युवती की शादी हुई थी लेकिन उसके ससुराल वालों ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। पति-पत्नी के बीच में झगड़े के बाद युवती ने पति के खिलाफ रेप की शिकायत कर दी। कुछ दिन जेल में रहने के बाद दोनों के बीच सुलह हो गई। पति ने बताया कि दोनों एक क्लब में मिले और दोनों के बीच प्यार हो गया।
इसके बाद युवती प्रेग्नेंट हो गई और शादी के लिए कहने लगी। हालांकि, पति को लगा कि दोनों की उम्र शादी के लिए कम है जिस पर युवती ने उसके खिलाफ रेप की शिकायत कर दी। बाद में दोनों ने शादी तो कर ली लेकिन दोनों के परिवारों ने शादी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दोनों अलग रहने लगे और उसे अपने पिता बनने की खबर युवती के वॉट्सऐप स्टेटस से मिली।

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