अपनी लाड़ली को इन 4 तरीको से पहले पीरियड्स के लिए करें गाइड


लड़कियों में होने वाली एक आम प्रक्रिया है पीरियड्स। पीरियड्स के बारे में लोग बात करने में हिचकिचाते हैं और शर्मिंदगी महसूस करते हैं। लेकिन अपने पहले पीरियड्स के दौरान लड़कियां डर के साथ-साथ तनाव में भी रहती हैं। ऐसे में मां की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी बेटी को उसकी एक अच्छी दोस्त के तौर पर उन्हें सलाह दें। पीरियड्स के बारे में उन्हें विस्तार से बताएं।


जब आपको लगे कि आपकी बेटी बड़ी हो रही है मतलब दस साल की हो गई है तो आप उन्हें उनके शरीर के बदलावों के बारे में उन्हें बताएं। क्योंकि दस से पंद्रह साल की उम्र में उनके पहले पीरियड्स आ सकते हैं। यह मां का फर्ज है कि वह बेटी को पीरियड्स के बारे में जानकारी दें।


अगर आपकी बेटी के मन में पीरियड्स को लेकर किसी तरह के सवाल हैं तो आप उनके सवालों को नजरअंदाज ना करते हुए उन्हें इस बारे में जानकारी दें। कई बार बेटी के सवाल से आपको गुस्सा आ सकता है। ऐसे में गुस्सा होने के बजाए समझदारी के साथ दोस्त बनकर उसके सवालों का जवाब दें।


पीरियड्स को लेतर कई तरह की मिथक होते हैं। ऐसे में आपका फर्ज बनता है कि आप उनको बताएं कि यह आम प्रक्रिया है। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं पर भी बेटी से बात करें।


पीरियड्स में होने वाली थकान और पेट दर्द के बारे में बताएं कि यह आम बात है। इसके अलावा उन्हें यह भी बताएं कि कितने समय के अंतराल में और कितने दिन तक पीरियड्स आ सकते हैं। अपनी बेटी को उसके पहले पीरियड्स के लिए सैनिटरी नैपकिन की पूरी जानकारी दें। सैनिटरी नैपकिन के चुनाव से लेकर उसके इस्तेमाल तक सभी जानकारी दें। 

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