बायीं हाथ की उंगुली में ही क्‍यों पहनाई जाती है सगाई की अंगूठी, जाने वैज्ञानिक तर्क


हमारे देश में हर रस्‍म के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक कारण जरुर जुड़ा होता है। ऐसी ही एक रस्‍म हैं शादी से पहले सगाई की। इसमें लड़का और लड़की एक-दूसरे के बाएं हाथ की तीसरी उंगली में अंगूठी पहनाते हैं। सदियों से ऐसी परंपरा चली आ रही है कि होने वाले वर-वधु इसी उंगली में अंगूठी पहनें। लेकिन ऐसा क्यों? आज हम आपको बताते हैं।

अमेरिकन लोगों का तर्क



अमेरिका में शादी के बाद दुल्‍हनें इस हाथ में अंगुठी पहनती हैं। इस रस्‍म के ल‍िए इस उंगुली को चुना था, ये तर्क जरुर दिया कि ये उंगुली यानी रिंग फिंगर बाकी अन्‍य उंगुल‍ियों से काफी सुरक्षित रहती हैं।

चीनी लोगों का तर्क



चीन की संस्‍कृति में माना जाता है कि हाथ की हर उंगली जीवन के हर विशेष रिश्‍तों का प्रतिनिधित्‍व करती है, छोटी उंगली संतान के बारे में बताती हैं, मध्‍यमा स्‍वयं के बारे, तर्जनी अंगुठी भाई-बहनों से जुड़ी होती है। अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर जीवन साथी से संबंधों को कंट्रोल करती है और इस पर अंगूठी पहनने से रिश्‍ता हमेशा पकड़ में रहता है और संपन्‍न रहता है।

ह‍िंदू धर्म लोगों का तर्क 



ज्‍योतिष के अनुसार हर उंगुली का इंसान के भाग्‍य को लेकर अपना महत्‍व होता है। और अनामिका उंगली संबंधों के भविष्‍य को प्रभाव‍ित करती है। ज्योतिष के अनुसार, अनामिका ग्रह सूर्य से जुड़ा है। सूर्य को राजा के रुप में जाना जाता है सूर्य सफलता और शक्ति का ग्रह है। यदि आप एक अनोखी, अद्भूत और आलौकिक ऊर्जा का अहसास पाना चाहते हैं तो अनामिका उंगली पर अंगूठी पहन सकते हैं। यह आपको हर प्रकार से मजबूती प्रदान करता है।

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