दरअसल इस दिन लोग अपनी समझ और पसंद के मुताबिक ही प्रत्याशियों को वोट देते हैं। लेकिन इन सब चीजों में सबसे जो खास चीज होती हैं वो वोट डालने के बाद अंगुली पर लगने वाला स्याही हैं। ऐसे में आज हम आपको इस तथ्य के बारे में बताने वाले हैं।
साल 1962 के चुनाव में पहली बार अमिट स्याही का इस्तेमाल किया गया और तब से लेकर अब तक उस स्याही का इस्तेमाल किया जाता हैं। यह स्याही ही इस बात की गारंटी होता हैं कि वोटर ने वोट डाला हैं और यह निशान 15 दिनों से पहले नहीं मिटता हैं। बता दें कि इस स्याही को बनाने का तरीका गुप्त रखा गया था ताकि कोई इसे मिटाने का तरीका ना निकाल सके।
दरअसल यह स्याही धूप ले संपर्क में आने के बाद और भी पक्की हो जाती हैं| इस स्याही का इस्तेमाल सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि कई देशो में किया जाता हैं। इनमें तुर्की, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल, घाना, कनाडा, मालदीव, कंबोडिया और मलेशिया देश भी शामिल हैं।





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