कार्बोहाइड्रेट्स :- जैसे फल पकने लगता है केले का स्टार्च बदल जाता है। कच्चे केले में कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट्स होता है लेकिन ज्यादा पके केले में स्टार्च सामान्य शुगर में बदल जाता है। लेकिन जिनको डायबिटीज होता है वह ज्यादा पका केला न खाये तो अच्छा है। क्या आपको पता है कि केले के छिलके का भी एक चमत्कार फायदा होता है।
कैलोरी :- पूरे पके केले में जितना कैलोरी होता है उतना ही कच्चे केले में होता है। अगर आप कैलोरी को लेकर ज्यादा चिंता कर रहे हैं तो ये जान लें कि केले में अन्य फलों की तुलना में ज्यादा कैलोरी रहता है।
एन्टीऑक्सिडेंट्स :- केले में तभी भूरे रंग के दाग होने लगते हैं जब क्लोरोफिल टूट कर एन्टीऑक्सिडेंट में बदल जाता है। इसलिए जब आप स्मूदी में ज्यादा एन्टीऑक्सिडेंट चाहते हैं तो ज्यादा पका केला डाल सकते हैं। अगर आप ज्यादा पका हुआ केला डाल रहे हैं तो चीनी का इस्तेमाल न करें।
विटामिन और मिनरल :- ज्यादा पके केले का माइक्रोन्यूट्रिएन्ट्स कम हो जाता है। जितना फल पकने लगता है वाटर सोल्युब्ल विटामिन फॉलिक एसिड, विटामिन सी और थियामिन कम होने लगता है। ज्यादा पका हुआ केला में भी पोटाशियम उच्च मात्रा में होता है।

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