इसकी बड़ी वजह ये है कि ईवीएम के वोटों से वीवीपैट का मिलान किया जाना है, जिसमें थोड़ा ज्यादा वक्त लगने का अनुमान है। लोकसभा चुनाव 2019 में जनता किस पार्टी को चुनेगी और केंद्र में किसकी सरकार बनेगी, इसका इंतजार पूरे देश को है। यह इंतजार 23 मई को खत्म हो जाएगा जब चुनाव आयोग वोटों की गिनती करेगा और नतीजे घोषित करेगा। लेकिन मतगणना के दिन भी फाइनल नतीजों के लिए और ज्यादा प्रतीक्षा करना पड़ेगी।
ये नतीजे इस बार 4-5 घंटे देरी से आ सकते हैं। उपचुनाव आयुक्त सुदीप जैन ने बताया कि ईवीएम और वीवीपैट के वोटों का मिलान होने के चलते ये देरी हो सकती है। आपको बता दें कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनों का भी इस्तेमाल किया गया है। जिससे वोट डालने पर पर्ची भी निकली है।
ऐसे में जब 23 मई को वोटों की गिनती की जाएगी तो ईवीएम में पड़े वोटों से पर्चियों का मिलान भी किया जाएगा। ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम के साथ वीवीपैट लगाने का फैसला किया था। पांच चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। अब दो चरण और बाकी हैं। ऐसे में मौजूदा चुनाव के लिहाज से विपक्षी दलों की इस मांग का चुनाव आयोग पर कितना असर होता है, ये चर्चा का विषय है।

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