1. पंचामृत में दूध का इस्तेमाल होता है। इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए पूजन के बाद इसका सेवन करने से व्यक्ति का गुस्सा शांत होता है और दिमाग की ताकत बढ़ती है।
2. अगर आपके काम में बाधाएं आती हैं तो पूजन में प्रयोग हुए पंचामृत को अपने घर के कोनों में छिड़क दें। इससे नकारात्मकता दूर हो जाएगी।
3. पंचामृत में दही का भी प्रयोग होता है। दही का गुण होता है कि दूसरों को अपने जैसा बना देना। ऐसे में पंचामृत पीने से व्यक्ति में सद्गुणों का विकास होता है।
4. जिन लोगों का मन किसी काम में नहीं लगता है उन्हें पंचामृत पीना चाहिए। साथ ही इसे अपने विरोधी को देने से वो आपसे खुश होंगे। इससे आपके काम भी आसानी से बन जाएंगे।
5. घी के प्रयोग के चलते पंचामृत स्नेह को बढ़ाता है। इसके सेवन से व्यक्ति में परिवार के प्रति जिम्मेदारी बढ़ती है। साथ ही ईश्वर की भी कृपा रहती है।
6.अगर आपके परिवार में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं तो उन्हें गुरुवार के दिन पूजन के बाद पंचामृत पिलाएं। इससे परिवार के लोगों के बीच तालमेल अच्छा बनेगा।
7. पंचामृत में चीनी का इस्तेमाल होता है। ये मधुरता बढ़ाता है। इसलिए पंचामृत पीने से वैवाहिक जीवन बेहतर रहता है। इससे रिश्तों में मिठास बनी रहती हैं।
8.जिन लोगों का भाग्य साथ नहीं देता है उन्हें सोमवार के दिन शिव जी को पंचामृत चढ़ाना चाहिए। इसके बाद इसे पीना चाहिए। इससे आपकी किस्तम चमक जाएगी।
9.अगर आपके पास पैसे नहीं टिकते हैं तो शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को चढ़ाया गया पंचामृत पांच या 100 रुपए के एक नोट पर थोड़ा छिड़क दें। अब इसे एक पोटली में बांधकर तिजोरी में रख दें। इससे धन की वृद्धि होगी।
10.अगर आप या घर का कोई अन्य सदस्य अक्सर बीमार रहता है तो उसे रविवार के दिन पंचामृत पिलाएं। ऐसा करने से जल्द ही बीमारी खत्म हो जाएगी।





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