एक मजदूर ने कहा, 'हम फसल काटने गये थे। खेत मालिक ने हमसे खेत के घासफूस को जला देने को कहा और हमने वही किया। हमें पता ही नहीं था कि वहां तेंदुए के शावक हैं।' मानचार थाने के एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा को बताया कि कम से कम तीन हफ्ते पहले ही गन्ने के इस खेत में इन शावकों का जन्म हुआ था।
उन्होंने बताया कि मजदूरों ने घासफूस जलाने की कोशिश की जिसके बाद लपटें उठने लगीं, उसी बीच कुछ लोगों को वहां शावक नजर आये और तब अग्निशमन विभाग, पुलिस एवं वन विभाग को सूचना दी गयी।लेकिन तबतक देर हो गयी और शावक जलकर मर गये। इन मरे हुए शावकों को पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

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