टेलीक्रंच ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पैसे के बदले फेसबुक ने यूजर्स को 'फेसबुक रिसर्च' VPN ऐप इंस्टॉल करने को कहा, जो कंपनी को फोन और वेब एक्टिविटी का ऐक्सेस देता है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इसके लिए हर महीने $20 देती है और रिफेरल फीस भी देती है। कंपनी जिन यूजर्स को पैसे देती है उनकी उम्र 13 से 25 के बीच है।
टेकक्रंच को फेसबुक ने बताया है कि कंपनी यूसेज हैबिट पर डेटा इकट्ठी करने के लिए रिसर्च प्रोग्राम चला रही है और इसे बंद करने की कोई प्लानिंग नहीं है। गार्जियन मोबाइल फायरवॉल सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट विल स्ट्राफैच ने टेकक्रंच को बताया कि पैसे के बदले फेसबुक वेब सर्च, लोकेशन इंफॉर्मेशन, सोशल मीडिया ऐप्स के मैसेज और बाकी डेटा को चेक करने का ऐक्सेस ले लेता है।
फेसबुक द्वारा भुगतान किए जाने के लिए यूजर्स को ऐप इंस्टॉल कर VPN को रन करने देना होता है। रिपोर्ट्स ऐसी भी हैं कि यूजर्स को अपने अमेजन ऑर्डर पेज का स्क्रीनशॉट भी लेने को कहा जाता है। साथ ही इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये ऐप फेसबुक के ‘Onavo Protect‘ ऐप की तरह है जिसे प्राइवेसी नियमों के उल्लंघन के चलते ऐपल ने बैन कर दिया था। बाद में इस ऐप को अगस्त में हटा दिया गया था।

إرسال تعليق