पॉपकॉर्न जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद होता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि माइक्रोवेव में 3 मिनट में तैयार होने वाले रेडीमेडी पॉपकॉर्न भी हेल्थ के लिए नुकसानदेह हैं। जी हां परेशानी दरअसल, दिक्कत पॉपकॉर्न से नहीं बल्कि उस पैकेट से है जिसमें पॉपकॉर्न रखा जाता है ताकि वे एक दूसरे से चिपके नहीं। जब आप उस पॉपकॉर्न वाले बैग को माइक्रोवेव में डालती हैं तो पैकेट में मौजूद केमिकल्स पॉपकॉर्न तक पहुंच जाते हैं, जो कैंसर बनाने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा इसमें कॉर्न कर्नेल से लेकर बटर और ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है, इसमें मौजूद सारे घटक कैंसर को प्रभावित करने के लिए काफी है।
डिब्बा बंद फूड
डिब्बा बंद फूड जिसे आप बहुत ही चाव से खाती हैं। क्या आप जानती हैं कि इसमें मौजूद बिस्फेनॉल-ए (बीपीए) कैंसर पैदा करने वाले एजेंट का काम कर सकता है। और टिन और डिब्बे इस घटक के साथ लिंक होते हैं।
डाइट फूड
डाइट फूड हेल्दी नहीं है। अगर उनपर लेबल ऐसा कह रहे है तो एक बार फिर से जांच करें। डाइट फूड्स आपके रेगुलर फूड्स से ज्यादा अन्हेल्दी होते हैं। आप इतना आलसी क्यों हैं? अगर आप अपनी वजन कम करने के लिए डाइट फूड्स ले रही हैं तो डाइट फूड्स की बजाय घर में कुछ ऐसा बनाये जो आपके बॉडी को नुकसान पहुंचाए बिना आपको वजन कम करने में हेल्प करें।
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
हालांकि इससे पूरी तरह से बचा नहीं जा सकता है। ये कार्बोनेटेड ड्रिंक्स हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, केमिकल और डाई से भरपूर होत हैं। इसमें मौजूद आर्टिफिशल स्वीटनर की वजह से सिर्फ कैंसर ही नहीं बल्कि स्ट्रोक और मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बारे में हम और क्या कह सकते हैं?
रिफाइंड शुगर
हाई फ्रूटोज कॉर्न सिरप और रिफाइंड शुगर के अन्य रूप भी कई तरह से कैंसर का कारण बनता है। वैसे हम आपको बात दें कि आपकी ब्राउन शुगर भी इसी ट्रैक पर है। ब्राउन शुगर भी मूल रूप से व्हाइट शुगर का ही रिफाइंड रूप है जिसमें कलर और टेस्ट के लिए गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। यह फूड्स कैंसर सेल्स को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराए जाते हैं। इसके इसकी जगह आर्गेनिक शहद, मेपल शुगर और कोकोनेट शुगर को चुनें।

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