वीडियो के साथ एक कैप्शन में कहा गया है कि इससे पहले इस व्यक्ति की तस्वीर वर्ष 1990 में एक वृत्तचित्र निर्माता द्वारा ली गई थी, जिसमे उसने पत्तियों के पीछे अपना चेहरा छुपा लिया था। आखिरी बार उसके जिंदा होने के साक्ष्य मई में मिले थे। इस व्यक्ति की निगरानी करने वाले दल के एक अधिकारी आल्टेयर अल्गायेर ने कहा है कि हम पहले ये वीडियो जारी नहीं करना चाहते थे, क्योंकि हमने उस व्यक्ति से इस वीडियो को जारी करने की अनुमति नहीं ली थी। लेकिन हम चाहते थे कि इस तरह के लोगों क आजीवन भी आम लोगों तक पहुंचे कि किस तरह ये लोग अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अधिकारी ने जानकारी दी कि यह वीडियो वर्ष 2011 में रिकॉर्ड की गई थी, जिसके बाद से उस व्यक्ति के जीवित होने के साक्ष्य मई महीने में मिले हैं। अल्गायेर ने बताया है कि इस व्यक्ति की उम्र लगभग 55 से 60 वर्ष है, लेकिन उसकी सेहत काफी अच्छी है। इंडियन फाउंडेशन की टीम 1996 से लगातार उसपर नज़र बनाए हुए है, अधिकारी बताते हैं कि इसकी जनजाति के सारे प्राणी 1995 -96 के आसपास मर गए, तब से यह अकेला ही जंगलों में जीवन यापन कर रहा है।

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