चाइनीज एक्यूप्रेशर में शरीर के कुछ हिस्सों को दबाने या रगड़ने से असर दूसरे हिस्सों पर पड़ता है। इसी तरह, उंगलियों की टिप भी स्कैल्प के साथ जुड़ी हुई है। इसलिए जब आप नाखूनों को रगड़ते हैं, आप जो घर्षण पैदा करते हैं उससे स्कैल्प पर असर पड़ता है। स्कैल्प का ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे बाल झड़ना कम होते हैं और बढ़ना शुरू हो जाते हैं। इस तरह से आप बिना बालों को छुए, नाखून आपस में रगड़कर भी अपने बालों को मसाज दे सकते हैं। वहीं एक्युप्रेशर में हाथों के नाखूनों का संबंध सिर की त्वचा से माना जाता है और नाखून को आपस में रगड़ने से सिर तक रक्त का संचार अच्छी तरह होता है और बालों की जड़ों तक पोषण तत्व पहुंचते हैं। एक्युप्रेशर में इस विधि से एमबीपी (मेल बाल्डनेस पैटर्न) और एंड्रोजेनिक एलोपसिया जैसे पुरुषों व महिलाओं के गंजेपन का इलाज किया जाता है।
बता दें आपको अपने नाखून पूरा दिन घिसते रहने की जरूरत नहीं है। एक दिन में 5-10 मिनट के लिए ये क्रिया करना काफी रहता है। वैसे, आपको इस क्रिया को करके देखना जरूर चाहिए। हालांकि जिन लोगों को अपने नाखूनों सें ज्यादा प्यार होता है उन्हें इसका परहेज करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आपके नाखूनों की चमक जा सकती है।



एक टिप्पणी भेजें