सेब
हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को नियमित दो सेबों का सेवन करना फायदेमंद रहता है। इसके सेवन से शरीर का अनावश्यक नमक यूरीन के रास्ते बाहर निकल जाता है और आपके गुर्दे को आराम मिलता है।
नींबू
हृदय की कमजोरी दूर करने के लिए नींबू को असरकारी माना जाता है। यह आपकी कोमल रक्त वाहिनियों की कठोरता दूर करके उन्हें कोमल बनाता है। रोजामा खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से शरीर के विषाक्त पदार्थ दूर होते हैं।
संतरा
उच्च रक्तचाप के रोगियों को नियमित दो संतरों का सेवन जरूर करना चाहिए। दिन में एक गिलास संतरे का जूस पीकर रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध जरूर पीना चाहिए। क्योंकि पोटेशियम और कैल्शियम आपके शररी में रक्तचाप नियंत्रित करने में मददगार होता है।
आंवला
आंवले में सोडियम की मात्रा को कम करने की क्षमता पाई जाती है। यह रक्त से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर में फाइबर की आपूर्ति करता है। नियमित आवले का मुरब्बा खाने से रक्तचाप आसानी से निंयत्रित हो जाता है।
केले
केले को सोडियम का बेहतर स्रोत माना जाता है। इसमें पोटेशियम की भी भरपूर मात्रा होती है दो रक्तचाप को नियंत्रित करने में लाभदायक साबित होती है। इससे उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
पपीता
नियमित खाली पेट 250 ग्राम पका हुआ पपीता उच्च रक्तचाप की समस्या के लिए लाभदायक बताया जाता है। ध्यान रखें कि इसका सेवन आपको दो महिनों तक लगातार करते रहना है।
चुकंदर
चुकंदर में नाइट्रेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यही नाइट्रेट शरीर में पहुंचकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है और आपकी रक्त वाहिकाओं को खोलकर उन्हें आराम पहुंचाता है। हृदय रोगों में इसे चमत्कारी फल बताया जाता है।
अंगूर
लाल और काले अंगूरों को हरे अंगूरों से ज्यादा लाभदायक माना जाता है। यही कारण है कि गहरे काले अंगूर आपके शरीर को कैंसर और हृदय रोग के खतरे से बचाते हैं। यह खून की थक्का बनने से रोकते हैं जिसके कारण बेहतर रक्त प्रवाह सुनिश्चित होता है। और आप उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों से बचे रहते हैं।








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