क्योंकि कैडमियम डी.एन.ए. को क्षति पहुँचाता है जिससे शुक्राणुओं के संख्या में कमी आ जाती है। तनाव के समय शरीर का रक्त संचार काफी तीव्र गति से काम करता है और यही रक्त में उच्च स्तर के होने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगते है और शुक्राणुओं की संख्या घटने लगती है। संभोग करने के दौरान सुरक्षा का ध्यान नहीं रखने पर यौन संचारित रोग होने की संभावना बढ़ जाती है जो शुक्राणुओं के डी.एन.ए. और संख्या को पहले प्रभावित करता है। गर्म बाथटब, गर्म शावर, लेपटॉप को गोद में रखकर काम करने से भी दूर रहें।
इसकी बढ़ती हिटिग आपकी शुक्राणु की क्षमता को कम कर नंपुसंक बना सकती है इसलिये जो लोग लबं समय तक इन गर्म चीजों के संपर्क में रहते है। उनके शुक्राणुओं पर इसका बुरा प्रभाव देखने को मिलता है। अगर आप सेक्स के दौरान एक्साइटमेंट बढ़ाने के लिए पिल्स या फिर करें का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसा ना करें क्योंकि इसके इस्तेमाल से पुरूषों के लिंग में रक्त का संचार सही तरीके से नही हो पाता और शुक्राणुओं के उत्पादन का स्तर गिरने से शुक्राणुओं की संख्या में कमी आने लगती है। शराब पीने से मर्दों के शुक्राणुओं की क्षमता में कमी होने के साथ सेक्स इच्छा में कमी आ जाती है। साथ ही पुरूषों के सेक्स हार्मोन टेस्टास्टरोन के स्तर को खत्म करने लगता है।



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