अमिताभ बच्चन का साथ मिलते ही रेखा का फिल्मी करियर उड़ान भरने लगा मानो अमिताभ उनके लिए किस्मत की लॉटरी टिकट लेकर आए हों। मशहूर फिल्म निर्देशक प्रकाश मेहरा की फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' में रेखा और अमिताभ की जोड़ी ने पहली बार शोहरत के आसमान को छुआ और फिर देखते ही देखते इस जोड़ी ने हिन्दी सिनेमा के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया था।
हिन्दी सिनेमा की जोड़ियों की एक पुरानी आदत है कि पर्दे पर दिखाई गई प्रेम कहानी निजी जिंदगी की भी प्रेम कहानी बन जाती है। कुछ ऐसा ही अमिताभ-रेखा के बीच हुआ। जैसे-जैसे इन दोनों की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट होने लगी वैसे-वैसे ही निजी जिंदगी में भी इनका प्यार गहरा होता चला गया। दोनों की एक साथ की गई सुपरहिट फिल्में सुहाग, मि. नटवरलाल, गंगा की सौगंध, नमक हराम, खून पसीना और सिलसिला हैं।
फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान हुए हादसे के बाद फिल्मी दुनिया के दो परिंदों की सच्ची प्रेम कहानी का अंत हो गया था। आज भी यह बात राज ही है कि फिल्म 'कुली' के दौरान हुई घटना के बाद ऐसा क्या हो गया था जो अमिताभ और रेखा को एक-दूसरे का साथ छोड़ना पड़ा।




إرسال تعليق