यूबीसी में सहायक प्रोफेसर ब्रियान डाल्टन ने कहा कि यह तो पता था कि वजन उठाने जैसे कार्यों में जहां जोड़ों को हरकत की जरूरत नहीं होती उसमें महिलाएं अधिक नहीं थकतीं, लेकिन इसे हर दिन के मल्टी फंक्शनल और प्रैक्टिकल एक्टिविटीज में देखना था कि क्या यह सही है।
उन्होंने कहा कि और जवाब वाकई शानदार आया। महिलाएं बड़े अंतर से पुरूषों को पीछे छोड़ सकती हैं। शोधकर्ताओं ने आठ पुरूषों और नौ महिलाओं को समान शारीरिक तंदरूस्ती स्तर पर इस परीक्षण के लिए चुना।

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